Sunday, 4 August 2024

लाजवाब शायरी

वाकई लाजवाब है। अर्ज़ किया है।
शेर 
दिले गुलशन छपी तस्वीर में हो तुम।
मेरे मेहबूब मेरे हर ख्वाब में हो तुम।।
तुम्हें यादों में पाया अब हक़ीक़त हो तुम।
हज़ारों लाख चेहरों से भी हसीं हो तुम।।

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